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महिला आरक्षण विधेयक पर बीजेपी अब ख़ामोश क्यों-प्रीति चौबे

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महिला आरक्षण विधेयक पर बीजेपी अब ख़ामोश क्यों-प्रीति चौबे

समाजवादी पार्टी के राष्टीय अधिवेशन में श्रीमती जया बच्चन जी ने सपा के राष्टीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी से यह निवेदन किया किं उत्तर प्रदेश के अगले विधानसभा चुनाव के घोसणा पत्र मे महिलाओं को 10 % का आरछण दिया जाये!

आईये अब बात करते है महिला आरछण बिल की, अभी कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि आपकी सरकार के पास लोकसभा में बहुमत है, इसलिए महिला आरक्षण बिल पारित कराएं

2019 के चुनावों को लेकर बीजेपी तैयारी शुरू कर दी है. महिलाओं के तबके को लेकर बीजेपी और प्रधानमंत्री ख़ास ध्यान दे रहे हैं. उज्ज्वला स्कीम और तीन तलाक़ पर बीजेपी ने महिलाओं को साधने की कोशिश की है.

ये चर्चा रही है कि शायद चुनाव से पहले एनडीए सरकार महिला आरक्षण बिल लेकर आए और खटाई में पड़े इस विधेयक को पास कराने की कोशिश करें. हालांकि बीजेपी के लिए ये मुश्किल नहीं है क्योंकि उसके पास लोकसभा में बहुमत है.

शायद इसे भांपते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ये मुद्दा उठा दिया है क्योंकि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में इसे पास कराने में कांग्रेस सोनिया गांधी की अहम भूमिका थी.

मगर अब वजह चाहे जो भी हो, सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे को फिर से प्रकाश में ला दिया है. अगर ये विधेयक पारित हो जाता है तो इसमें उन्हें भी कुछ श्रेय मिलेगा.

पिछली बार इसका विरोध ये कहकर किया गया कि ये ओबीसी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को नज़रअंदाज़ करता है. यहां तक कि ओबीसी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं ने भी इसका विरोध किया था. लेकिन ये कभी साफ़ नहीं हुआ कि इस विधेयक से पिछड़े वर्ग की महिलाएं कैसे प्रभावित होंगी.

ये तक कहा गया कि शहरी महिलाएं संसद में आएंगी और गरीब-पिछड़ी, दलित महिलाओं को मौका नहीं मिलेगा. मगर ये साफ़ है कि जो आरक्षित चुनाव क्षेत्र होता है, वहां पर ओबीसी महिला ही आएगी न कि शहरी उम्मीदवार. ये सिर्फ विरोध करने के लिए एक तर्क था!

ये भी सच है कि 2010 में राज्यसभा में पारित होने पर लोकसभा में अगर बीजेपी इस बिल को लेकर कांग्रेस का समर्थन कर देती तो ये क़ानून बन चुका होता. ऐसे में किसी अन्य पार्टी के समर्थन देने और न देने का सवाल ही नहीं बनता!

अब देखना यह है कि मोदी सरकार को महिला आरक्षण बिल की याद कब आती है?

प्रीति चौबे
राष्टीय सचिव
(समाजवादी पार्टी युवजन सभा)

वेबसाइट-www.preetichobey.com

ट्विटर –
@preeti_chobey

विकिपीडिया –
https://en.m.wikipedia.org/wiki/Preeti_Chobey

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