Connect with us

अर्ली बुलेटिन

मंडेला एवार्ड 2016 से नवाजे जायेंगे दीपक मिश्र

पॉलिटिक्स

मंडेला एवार्ड 2016 से नवाजे जायेंगे दीपक मिश्र

समाजवादी पार्टी के सचिव व प्रवक्ता दीपक मिश्र (समाजवादी चिन्तक) को वैश्विक लोकतंत्र एवं समाजवाद के सशक्तीकरण के लिए उन्हे ‘मंडेला एवार्ड-2016’ से सम्मानित किया जायेगा, ये एवार्ड उन्हें अफ्रीकन सोशलिस्ट काउन्सिल द्वारा दिया जायेगा। इसकी पूरी जानकारी एएससी के महासचिव जोसे एलिजे रसोलोफोनान्तेनैना, सचिव फिलिपे एड़विन मैरी व सचिव वी0 कवलेसुर ने दी। दीपक मिश्र के संयोजकत्व में उपनिवेशवादी कानून वीटो हटाने, लोकतंत्र का दायरा बढ़ाते हुए भारत को सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता प्रदान करने एवं हिन्दी को संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के लिए वैश्विक हस्ताक्षर व जनमत निर्माण अभियान व्यापक पैमाने पर चल रहा है। इस अभियान को 37 देशों के बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजनीति की विभूतियां हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दे चुकी हैं। श्री दीपक मिश्र को मंडेला सम्मान वीटो विहीन विश्व के लिए चलाए जा रहे सतत् वैश्विक अभियान तथा मेडागास्कर सत्याग्रह के लिए विशेष तौर पर दिया गया है।

deepak mishra
दीपक मिश्र ने समाजवाद पर दो दर्जन से अधिक पुस्तकें लिख चुके है जो की निगाम्बो (लंका) अधिवेशन में इंटरनेशनल सोशलिस्ट काउन्सिल का सदस्य निर्वाचित किया गया था। मंडेला एवार्ड से ख़ुशी जाहिर करते हुऐ दीपक मिश्र ने कहा कि यह लोकतंत्र व समाजवाद के प्रति प्रतिबद्धता, सतत् संघर्ष, लोक जीवन में ईमानदारी व सादगी का सम्मान है। मंडेला ने गांधी ज़ी व लोहिया जी की तरह वैश्विक समाजवाद की लड़ाई लड़ी। उनके नाम पर मिला सम्मान पाकर गर्वान्वित होना स्वाभाविक है। मंडेला एवार्ड ने सिद्ध कर दिया है कि गांधी-लोहिया द्वारा प्रतिपादित समाजवाद की स्वीकारिता पूरी दुनिया में है। उन्होंने तो समाजवाद का परचम लेकर कई देशों की यायावरी की है। इस सम्मान से उनका और उनके साथियों का मनोबल काफी बढ़ा है। इससे देश के बाहर उपनिवेशवादी ताकतों व सोच तथा देश के भीतर साम्प्रदायिक शक्तियों व दुराग्रहों से चल रही लड़ाई को ताकत मिलेगी।

मंडेला सम्मान के तहत दीपक मिश्र को 11 लाख रुपये, मंडेला व नेरेरे साहित्य, दक्षिण अफ्रीका का परम्परागत वस्त्र व मेडागासी उद्घोष यंत्र दिया जायेगा। श्री मिश्र ने कहा कि साहित्य, परिधान, उद्घोष यंत्र, 300 रैण्ड (अफ्रीकी रुपया) और 30 हजार आरि-आरि (मेडागासी रुपया) स्मृति हेतु अपने पास रखेंगे, शेष राशि अफ्रीका के गरीब बच्चों के बेहतर भविष्य व चिकित्सा-शिक्षा के लिए लौटा देंगे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पॉलिटिक्स से और भी ...

लाइक करें फ़ेसबुक पेज

पॉपुलर न्यूज़

वायरल न्यूज़

स्पॉन्सर्स साइट

ऊपर जाएँ

Pin It on Pinterest

Shares

शेयर करें

अपने मित्रों के साथ इस पोस्ट को शेयर करें!